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रिअल गोल्ड या Gold ETF किस में निवेश करें? जानिए सही विकल्प

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 गोल्ड खरीदें या Gold ETF में निवेश करें? आइए जानें सही विकल्प

अक्षय तृतीया और दुसरे मुहूर्त पर हर साल सोना खरीदने की परंपरा रही है ,समृद्धि और सौभाग्य की कामना के साथ।
लेकिन आज के जमाने में, परंपरा और निवेश का मेल कैसे हो? क्या फिजिकल सोना खरीदें या फिर गोल्ड ETF जैसा आधुनिक विकल्प चुनें?

अगर आप भी इसी सवाल में उलझे हैं, तो आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं!

 

अक्षय तृतीया या और मुहूर्त पर हमेशा सोना  खरीदने का महत्त्व है,  इसका मतलब होता है — ऐसा शुभ दिन जो भी लो वो कभी खत्म नहीं होता।
इस दिन खरीदा गया सोना न केवल आर्थिक संपत्ति मानी जाती है, बल्कि यह भावनाओं, परंपराओं और भविष्य की सुरक्षा का भी प्रतीक है।
शादी-ब्याह हो या त्योहार — सोने की चमक हर खुशी में शामिल रहती है।

लेकिन अब जब निवेश के भी कई स्मार्ट विकल्प आ गए हैं, तो यह जानना जरूरी है कि कौन-सा रास्ता हमारे लिए बेहतर रहेगा।


फिजिकल गोल्ड खरीदने के फायदे

सोना अपने आप में एक भावना है।
जब आप किसी को सोने की चूड़ी या सिक्का गिफ्ट करते हैं, तो वह सिर्फ एक गहना नहीं, बल्कि प्यार और आशीर्वाद का प्रतीक होता है।

आइए जानते हैं इसके फायदे:


गोल्ड ETF क्या है?

अब सोचिए, अगर आपको बिना सोना संभाले, बिना लॉकर का झंझट उठाए, सिर्फ उसकी कीमत में निवेश करना हो — तो?
यही है गोल्ड ETF!

गोल्ड ETF यानी Gold Exchange Traded Fund — एक ऐसा म्यूचुअल फंड जो सोने की कीमत पर आधारित होता है।
आप इसे स्टॉक एक्सचेंज (जैसे NSE/BSE) पर डीमैट अकाउंट से आसानी से खरीद-बेच सकते हैं।


गोल्ड ETF में निवेश के फायदे

आधुनिक जमाने के निवेशकों के लिए एक दमदार विकल्प:


सोना बनाम गोल्ड ETF: एक झलक में तुलना

तुलना

फिजिकल गोल्ड

गोल्ड ETF

स्टोरेज की जरूरत

हाँ

नहीं

चोरी का जोखिम

हाँ

नहीं

मेकिंग चार्जेस

हाँ (5% to 15%)

नहीं

तरलता (Liquidity)

मध्यम

उच्च

निवेश की न्यूनतम राशि

अधिक

कम (1 यूनिट से)

धार्मिक/भावनात्मक मूल्य

अधिक

कम

लेन-देन शुल्क

नहीं

ब्रोकरेज फीस


किसके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर?

छोटी सी सलाह:
अगर सोना खरीद रहे हैं, तो केवल BIS हॉलमार्क वाला ही लें।
और अगर गोल्ड ETF खरीद रहे हैं, तो डीमैट और ब्रोकरेज चार्ज भी एक बार जरूर चेक करें।


निवेश से पहले इन बातों का ध्यान रखें

🔹 उद्देश्य तय करें: परंपरा निभानी है या निवेश करना है?
🔹 खर्चों पर नजर रखें: फिजिकल गोल्ड में मेकिंग चार्ज, गोल्ड ETF में ब्रोकरेज।
🔹 लॉन्ग टर्म सोचें: SIP के जरिए गोल्ड ETF में नियमित निवेश बढ़िया विकल्प हो सकता है।


निष्कर्ष

अक्षय तृतीया पर किया गया निवेश आपके जीवन में स्थायी समृद्धि का द्वार खोल सकता है।
अगर आप परंपरा, भावनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को प्राथमिकता देते हैं, तो फिजिकल सोना चुनें।
लेकिन अगर आप स्मार्ट, सुविधाजनक और सुरक्षित निवेश चाहते हैं, तो इस बार गोल्ड ETF का रास्ता अपनाइए।

जो भी विकल्प चुनें — एक सुनहरा भविष्य आपका इंतजार कर रहा है! 🌟

 FAQ

Q1. गोल्ड ETF में निवेश कैसे करें?
Ans: अपने डीमैट अकाउंट के जरिए किसी भी स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म से गोल्ड ETF खरीद सकते हैं।

Q2. क्या गोल्ड ETF पर टैक्स लागू होता है?
Ans: हाँ, गोल्ड ETF पर शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है, निवेश अवधि पर निर्भर करता है।

Q3. फिजिकल गोल्ड सुरक्षित है या गोल्ड ETF?
Ans: गोल्ड ETF ज्यादा सुरक्षित है क्योंकि इसमें चोरी या लॉकर की चिंता नहीं होती।

Q4. क्या गोल्ड ETF में छोटे निवेश संभव हैं?
Ans: बिल्कुल! आप 1 यूनिट यानी लगभग 1 ग्राम सोने से भी शुरुआत कर सकते हैं।

 

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